मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY): मिलेगा 25 लाख तक का लोन
केंद्र सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और राज्य सरकार की 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' मुहिम का यही मकसद है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना" (Mukhyamantri Yuva Swarozgar Yojana - MYSY) को डिज़ाइन किया गया है।
गीतांजलि
1/18/20261 min read


मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY): मिलेगा 25 लाख तक का लोन
आवेदन, पात्रता और पूरी गाइड (2026)
क्या आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं? क्या आप अपनी 9-से-5 की नौकरी से थक चुके हैं या पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छी नौकरी की तलाश में हैं? अगर आपके पास कोई हुनर है, कोई बिज़नेस आइडिया है, लेकिन जेब में उसे शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
आज हम बात करेंगे उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक – "मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना" (Mukhyamantri Yuva Swarozgar Yojana - MYSY) के बारे में।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पहल पर शुरू की गई इस योजना ने अब तक लाखों युवाओं की किस्मत बदल दी है। चाहे आप गाँव में रहते हों या शहर में, अगर आप अपना काम-धंधा शुरू करना चाहते हैं, तो सरकार आपके साथ खड़ी है।
1. भूमिका: क्यों जरूरी है स्वरोजगार?
हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ 'सरकारी नौकरी' मिलना मुश्किल होता जा रहा है। जनसंख्या बढ़ रही है और संसाधन सीमित हैं। ऐसे में, "रोजगार मांगने वाले" बनने की बजाय "रोजगार देने वाले" बनना ही असली समझदारी है।
केंद्र सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और राज्य सरकार की 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' मुहिम का यही मकसद है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को डिज़ाइन किया गया है। यह योजना उन युवाओं के लिए एक लॉन्चपैड है जो रिस्क लेने की हिम्मत रखते हैं और अपनी मेहनत से अपनी किस्मत लिखना चाहते हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपको सिर्फ लोन (कर्ज) नहीं देती, बल्कि सब्सिडी (अनुदान) भी देती है, ताकि आपके ऊपर बोझ कम पड़े।
2. क्या है मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY)?
सरल शब्दों में कहें तो, यह योजना यूपी के शिक्षित लेकिन बेरोजगार युवाओं को अपना खुद का उद्योग (Manufacturing) या सेवा (Service) व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देती है।
इस योजना के तहत बैंकों के माध्यम से लोन उपलब्ध कराया जाता है, और राज्य सरकार उस लोन का एक हिस्सा (मार्जिन मनी के रूप में) खुद वहन करती है। इसका सीधा मतलब है कि आपको पूरा पैसा अपनी जेब से नहीं लगाना है और न ही पूरा पैसा बैंक को चुकाना है (सब्सिडी के समायोजन के बाद)।
योजना के दो मुख्य पिलर (Sectors)
सरकार ने इस योजना को दो भागों में बांटा है:
उद्योग क्षेत्र (Manufacturing Sector): अगर आप कोई फैक्ट्री लगाना चाहते हैं, कोई सामान बनाना चाहते हैं (जैसे- अगरबत्ती बनाना, आटा चक्की, बेकरी, फर्नीचर मेकिंग आदि), तो आपको ₹25 लाख तक का लोन मिल सकता है।
सेवा क्षेत्र (Service Sector): अगर आप कोई सर्विस देना चाहते हैं (जैसे- कंप्यूटर सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, सैलून, टेंट हाउस, ट्रांसपोर्ट आदि), तो आपको ₹10 लाख तक का लोन मिल सकता है।.
3. सब्सिडी और मार्जिन मनी का गणित समझें
ज्यादातर लोग "लोन" शब्द सुनकर डर जाते हैं। लेकिन इस योजना में "मार्जिन मनी" का प्रावधान इसे खास बनाता है।
मार्जिन मनी (सब्सिडी): राज्य सरकार परियोजना लागत का 25% हिस्सा मार्जिन मनी के रूप में देती है।
अधिकतम सीमा:
उद्योग क्षेत्र के लिए: अधिकतम ₹6.25 लाख
सेवा क्षेत्र के लिए: अधिकतम ₹2.50 लाख
उदाहरण से समझें:
मान लीजिए आप ₹10 लाख की लागत से एक छोटी 'कागज की प्लेट बनाने की फैक्ट्री' (उद्योग) लगाना चाहते हैं।
कुल प्रोजेक्ट: ₹10 लाख
आपका योगदान (5-10%): ₹50,000 से ₹1 लाख (बाकी बैंक देगा)।
सरकार की मदद (25%): ₹2.5 लाख (यह मार्जिन मनी है)।
शुरुआत में यह पैसा आपके बैंक खाते में एफडी (FD) के रूप में रखा जाता है। अगर आप 2 साल तक अपना बिजनेस सफलतापूर्वक चलाते हैं, तो यह पैसा आपके लोन अकाउंट में एडजस्ट हो जाता है, यानी आपको यह ₹2.5 लाख वापस नहीं करने पड़ते। है न फायदे का सौदा?
4. पात्रता: कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)
सरकार ने इस योजना को पारदर्शी रखने के लिए कुछ शर्तें तय की हैं। आवेदन करने से पहले चेकलिस्ट जरूर देख लें:
मूल निवासी: आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। (इसके लिए निवास प्रमाण पत्र जरूरी है)।
आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। (यह योजना युवाओं पर केंद्रित है)।
शैक्षिक योग्यता: आवेदक कम से कम 10वीं पास (High School) होना चाहिए। आपको कोई बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं है, बस बेसिक पढ़ाई होनी चाहिए।
डिफॉल्टर न हो: आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान के डिफॉल्टर (चूककर्ता) नहीं होने चाहिए। यानी आपने पहले लोन लेकर गबन न किया हो।
पहली बार लाभ: आपने पहले किसी अन्य सरकारी योजना (जैसे PMEGP, PMRY) का लाभ न लिया हो। यह योजना केवल नए उद्यमियों के लिए है। एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को लाभ मिलेगा।
5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
जब आप आवेदन करने बैठें (चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन), तो ये कागज अपनी फाइल में तैयार रखें। एक भी कागज कम होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।
पासपोर्ट साइज फोटो: (स्कैन की हुई, जेपीजी फॉर्मेट में)।
आधार कार्ड: (अनिवार्य)।
निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): यह साबित करने के लिए कि आप यूपी के हैं।
शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र: 10वीं की मार्कशीट/सर्टिफिकेट।
जन्म तिथि प्रमाण पत्र: (10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)।
जाति प्रमाण पत्र: (यदि आप SC/ST/OBC कैटेगरी में आते हैं तो यह जरूरी है)।
राशन कार्ड: (वैकल्पिक, लेकिन हो तो बेहतर है)।
पैन कार्ड: (बैंकिंग प्रक्रिया के लिए जरूरी)।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Project Report): यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें आपके बिज़नेस का पूरा प्लान होता है (खर्चा, कमाई, मशीनरी आदि)।
शपथ पत्र (Affidavit): नोटरी द्वारा सत्यापित कि आपने पहले कोई लोन नहीं लिया है।
6. प्रोजेक्ट रिपोर्ट: सफलता की चाबी
बहुत से युवा सिर्फ फॉर्म भर देते हैं लेकिन उनकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट कमजोर होती है, जिससे लोन खारिज हो जाता है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट क्या है?
यह आपके बिजनेस की कुंडली है। इसमें आपको बताना होता है:
आप क्या बिज़नेस करेंगे?
कच्चा माल कहाँ से आएगा?
मशीनें कितने की आएँगी?
बिजली, पानी, किराए का खर्चा कितना होगा?
आप सामान किसे बेचेंगे?
सालाना मुनाफा कितना होगा?
टिप: आप अपने जिले के 'जिला उद्योग केंद्र' (DIC) या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद से एक प्रोफेशनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवा सकते हैं। एक अच्छी रिपोर्ट बैंक मैनेजर को इम्प्रेस करने में बहुत मदद करती है।
7. किन बिज़नेस के लिए मिल सकता है लोन? (Business Ideas)
अगर आप सोच रहे हैं कि कौन सा बिज़नेस शुरू करें, तो यहाँ कुछ आइडियाज हैं जो यूपी में बहुत चलते हैं:
A. उद्योग (Manufacturing) - ₹25 लाख तक:
फूड प्रोसेसिंग: आटा चक्की, मसाला उद्योग, तेल मिल, बिस्कुट/बेकरी, पापड़ बनाना।
टेक्सटाइल: रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री, एम्ब्रॉयडरी वर्कशॉप।
इको-फ्रेंडली: पेपर कप/प्लेट, जूट बैग बनाना।
कंस्ट्रक्शन: सीमेंट ब्रिक्स, टाइल्स बनाना।
अन्य: फर्नीचर मेकिंग, वेल्डिंग वर्कशॉप, अगरबत्ती निर्माण।
B. सेवा (Service) - ₹10 लाख तक:
रिपेयरिंग: मोबाइल/लैपटॉप रिपेयर सेंटर, बाइक/कार गैरेज।
ब्यूटी एंड वेलनेस: सैलून, पार्लर, जिम/योगा सेंटर।
डिजिटल: साइबर कैफे, जन सेवा केंद्र (CSC), फोटो स्टूडियो।
ट्रांसपोर्ट: छोटा लोडर टेम्पो, ई-रिक्शा फ्लीट।
मेडिकल: डायग्नोस्टिक लैब (अगर क्वालिफिकेशन है)।
8. आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में आवेदन के दो तरीके हैं: ऑनलाइन और ऑफलाइन। आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन आवेदन ज्यादा आसान और पारदर्शी है।
तरीका 1: ऑनलाइन आवेदन (Online Process)
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले उत्तर प्रदेश के 'उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय' की वेबसाइट (जैसे diupmsme.upsdc.gov.in या updi.in) पर जाएं। यहाँ आपको "मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना" का विकल्प मिलेगा।
स्टेप 2: पंजीकरण (Registration)
'नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण' (New User Registration) पर क्लिक करें। यहाँ आपको अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि भरना होगा। सबमिट करने पर आपके मोबाइल पर एक यूजर आईडी और पासवर्ड आएगा।
स्टेप 3: लॉगिन और फॉर्म भरना
आईडी-पासवर्ड से लॉगिन करें। अब आपके सामने मुख्य फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल, और जिस प्रोजेक्ट के लिए लोन चाहिए, उसकी जानकारी भरें।
स्टेप 4: दस्तावेज अपलोड करें
अपनी फोटो, आधार, मार्कशीट, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और शपथ पत्र को स्कैन करके अपलोड करें। ध्यान रहे फाइल साइज वेबसाइट के निर्देशों के अनुसार हो।
स्टेप 5: फाइनल सबमिट और प्रिंट
फॉर्म को अच्छे से चेक करें और 'Final Submit' कर दें। इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट निकाल लें। यह भविष्य में काम आएगा।
तरीका 2: ऑफलाइन आवेदन (Offline Process)
अगर आप ऑनलाइन में सहज नहीं हैं, तो:
अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (District Industries Centre - DIC) जाएं। यह आमतौर पर विकास भवन या कलेक्ट्रेट के पास होता है।
वहाँ बाबू या अधिकारी से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का फॉर्म मांगें।
फॉर्म को साफ-साफ भरें। प्रोजेक्ट रिपोर्ट साथ में नत्थी करें।
सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी लगाएं।
फॉर्म को ऑफिस में जमा करें और रसीद (Receiving) जरूर लें।
9. चयन प्रक्रिया: फॉर्म भरने के बाद क्या होगा?
फॉर्म भर देना ही काफी नहीं है। असली परीक्षा इसके बाद शुरू होती है।
छंटनी (Screening): सबसे पहले जिला उद्योग केंद्र (DIC) आपके आवेदन की जांच करेगा। अगर कागज पूरे हैं, तो उसे आगे बढ़ाया जाएगा।
टास्क फोर्स इंटरव्यू (DLTFC): हर जिले में एक 'जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी' (DLTFC) होती है, जिसके अध्यक्ष डीएम (DM) या सीडीओ (CDO) होते हैं। आपको एक इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
घबराएं नहीं! यहाँ आपसे बस यह पूछा जाएगा कि आप क्या बिजनेस करना चाहते हैं, आपको उसका कितना अनुभव है, और आप मुनाफा कैसे कमाएंगे। आत्मविश्वास के साथ जवाब दें।
बैंक को भेजना: इंटरव्यू पास करने के बाद, आपकी फाइल आपके द्वारा चुने गए बैंक को भेज दी जाएगी।
बैंक इंस्पेक्शन और लोन: बैंक मैनेजर आपको बुलाएगा, शायद आपकी साइट (जहाँ दुकान/फैक्ट्री खोलनी है) का मुआयना करे। अगर सब सही रहा, तो लोन पास (Sanction) कर दिया जाएगा।
मार्जिन मनी: लोन पास होने के बाद सरकार आपकी सब्सिडी (मार्जिन मनी) बैंक को भेज देगी।
10. बैंक लोन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
अक्सर देखा गया है कि फाइल पास होने के बाद भी बैंक लोन देने में आनाकानी करते हैं। इससे बचने के लिए:
CIBIL स्कोर: अपना सिबिल स्कोर अच्छा रखें।
बैंक से संबंध: उस बैंक में आवेदन करें जहाँ आपका पहले से खाता हो और व्यवहार अच्छा हो।
व्यावहारिकता: प्रोजेक्ट रिपोर्ट में हवाई किले न बनाएं, वही लिखें जो सच में संभव हो।
धैर्य: सरकारी काम में थोड़ा समय लग सकता है। बैंक और जिला उद्योग केंद्र के संपर्क में रहें।
11. यह योजना अन्य योजनाओं से बेहतर क्यों है?
आप सोच रहे होंगे कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और इसमें क्या अंतर है?
राज्य केंद्रित: MYSY पूरी तरह से यूपी सरकार के नियंत्रण में है, इसलिए स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही ज्यादा होती है।
कम प्रतिस्पर्धा: राष्ट्रीय योजनाओं की तुलना में राज्य स्तर पर भीड़ थोड़ी कम हो सकती है।
शिक्षा: इसमें केवल 10वीं पास की मांग है, जो ग्रामीण युवाओं के लिए बहुत बड़ी राहत है।
12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q: क्या इस लोन के लिए मुझे अपनी जमीन या घर गिरवी रखना होगा?
A: नहीं। यह योजना क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट (CGTMSE) के तहत कवर हो सकती है, जिसका मतलब है कि अधिकांश मामलों में कोलेटरल (गिरवी) की जरूरत नहीं होती। हालांकि, यह बैंक के विवेक पर भी निर्भर करता है।
Q: ब्याज दर (Interest Rate) क्या होगी?
A: ब्याज दर वही होगी जो बैंक के सामान्य बिजनेस लोन पर होती है (आमतौर पर 9% से 12% के बीच)।
Q: लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा?
A: यह 3 साल से लेकर 7 साल तक हो सकता है, जिसमें कभी-कभी 6 महीने का मोरेटोरियम (शुरुआती छूट) भी मिलता है।
Q: अगर मेरा बिजनेस फेल हो गया तो?
A: बिजनेस में रिस्क होता है। अगर आप जानबूझकर डिफ़ॉल्ट नहीं करते हैं, तो बैंक रिस्ट्रक्चरिंग का विकल्प दे सकता है, लेकिन लोन चुकाना तो पड़ता है। इसलिए पूरी तैयारी के साथ ही उतरें।
13. निष्कर्ष: उठो, जागो और निर्माण करो!
दोस्तों, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सिर्फ एक सरकारी फाइल नहीं है, यह आपके सपनों की चाबी है। उत्तर प्रदेश बदल रहा है, यहाँ इन्वेस्टर्स आ रहे हैं, बाजार बड़ा हो रहा है। ऐसे में अपना बिजनेस शुरू करने का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता।
नौकरी मांगने के लिए लंबी लाइनों में लगने से बेहतर है कि आप अपनी खुद की छोटी सी दुनिया बसाएं। शुरुआत छोटी हो सकती है—एक छोटी सी मशीन, एक छोटी सी दुकान—लेकिन अगर आपकी नीयत साफ है और मेहनत सच्ची है, तो उसे बड़ा बनने में देर नहीं लगेगी।
कागजी कार्रवाई से डरिए मत। जिला उद्योग केंद्र जाएं, वेबसाइट चेक करें, और पहला कदम बढ़ाएं। सरकार आपको पैसा भी दे रही है और साथ भी। अब बारी आपकी है।
याद रखें: कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, और धंधे से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
आज ही अपने दस्तावेज तैयार करें और updi.in या diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखें।
शुभकामनाएं!
(नोट: सरकारी योजनाओं के नियम और वेबसाइट के लिंक समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं। आवेदन करने से पहले कृपया आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी जिला उद्योग केंद्र से नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें।)


