अगरबत्ती बिजनेस: कम लागत, महकती कमाई

PMEGP के साथ शुरू करें 'अगरबत्ती बिजनेस। जानें कैसे कम लागत में महकती कमाई की शुरुआत करें और अपने उद्यम को सफल बनाएं। पूजा और सुगंध से इंसान तो क्या भगवान भी प्रसन्न हो जाते हैं.

TEJ PRAKASH

1/18/20261 min read

PMEGP के तहत अगरबत्ती निर्माण व्यवसाय: संपूर्ण जानकारी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट

क्या आप जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में सुबह की शुरुआत बिना अगरबत्ती की खुशबू के अधूरी मानी जाती है। मंदिर हो या घर का पूजा स्थल, अगरबत्ती की महक हर जगह मौजूद है। यही कारण है कि मंदी हो या महंगाई, अगरबत्ती का बाजार कभी ठंडा नहीं पड़ता।

अगर आप खुद का मालिक बनना चाहते हैं और कम पूंजी में एक सुरक्षित व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो भारत सरकार की PMEGP यानी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत अगरबत्ती निर्माण इकाई लगाना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है।

इस विस्तृत लेख में हम आपको समझाएंगे कि PMEGP के तहत यह बिजनेस कैसे शुरू करें, इसमें कितना खर्चा आएगा और सरकार आपको कितनी छूट देगी।

अगरबत्ती उद्योग ही क्यों

अगरबत्ती उद्योग एक पारंपरिक कुटीर उद्योग है, लेकिन अब यह हाई-टेक मशीनों के साथ एक बड़े बिजनेस में बदल चुका है। यह एक श्रम-गहन उद्योग है जिसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आसानी से शुरू किया जा सकता है 1111। इसके अलावा, यह एक निर्यात-उन्मुख उद्योग भी है, जिसका अर्थ है कि विदेशों में भी इसकी भारी मांग है 2। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें शामिल तकनीक का स्तर बहुत सामान्य है, जिससे इसे शुरू करना काफी आसान हो जाता है 33।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट और लागत का विश्लेषण

एक सफल बिजनेस के लिए सही प्लानिंग जरूरी है। यहाँ हमने एक आदर्श प्रोजेक्ट रिपोर्ट का विवरण दिया है, जिसकी कुल लागत लगभग 7.57 लाख रुपये है.

कुल लागत का विवरण

इस 7.57 लाख के बजट को निम्नलिखित भागों में बांटा गया है5:

  • जमीन और बिल्डिंग: यह प्रोजेक्ट किराए की जगह या खुद की जगह पर शुरू करने के हिसाब से बनाया गया है।

  • प्लांट और मशीनरी: 5.70 लाख रुपये।

  • फर्नीचर और फिक्स्चर: 0.25 लाख रुपये।

  • वर्किंग कैपिटल: 1.62 लाख रुपये जो आपके दैनिक खर्चों के लिए हैं।

वित्त का साधन
पैसे का इंतजाम कैसे होगा, यह जानना सबसे जरूरी है:
  • स्वयं का योगदान: आपको अपनी जेब से केवल 0.76 लाख रुपये यानी कुल लागत का लगभग 10% लगाना होगा।

  • टर्म लोन: बैंक आपको 5.36 लाख रुपये का लोन देगा।

  • वर्किंग कैपिटल लोन: बैंक से 1.45 लाख रुपये दैनिक जरूरतों के लिए मिलेंगे।

आवश्यक मशीनरी

5.70 लाख के बजट में आप निम्नलिखित मशीनें लगा सकते हैं7:
  • हाई स्पीड ऑटोमैटिक अगरबत्ती मेकिंग मशीन (1 नग) जिसकी कीमत लगभग 1.45 लाख है।

  • ऑटोमैटिक धूपबत्ती मेकिंग मशीन (2 नग) जिसकी कीमत लगभग 2.70 लाख है।

  • पाउडर मिक्सिंग मशीन (1 नग) जिसकी कीमत लगभग 0.30 लाख है।

  • अन्य उपकरण और पैकिंग मशीनरी।

कच्चा माल

अगरबत्ती बनाने के लिए मुख्य रूप से सफेद चिप्स (40%), जिगातु (20%), चारकोल (20%), बांस की डंडियां, और सुगंधित तेल या रसायनों (20%) की आवश्यकता होती है 8888।

PMEGP योजना में सब्सिडी का लाभ

बिजनेस शुरू करने से पहले सबसे बड़ी चिंता पैसे की होती है। PMEGP योजना में सरकार आपको मार्जिन मनी या सब्सिडी देती है:

  • शहरी क्षेत्र: सामान्य वर्ग को 15% और विशेष वर्ग को 25% सब्सिडी मिलती है।

  • ग्रामीण क्षेत्र: सामान्य वर्ग को 25% और विशेष वर्ग को 35% सब्सिडी मिलती है।

निर्माण प्रक्रिया

अगरबत्ती बनाना एक सरल प्रक्रिया है:

  1. मिक्सिंग: सबसे पहले सामग्री को पाउडर फॉर्म में पानी के साथ मिलाकर एक सख्त पेस्ट तैयार किया जाता है।

  2. रोलिंग: इस पेस्ट को मशीन के जरिए बांस की डंडियों पर लपेटा जाता है।

  3. सुखाना: कच्ची अगरबत्तियों को सुखाया जाता है।

  4. परफ्यूमिंग: सूखे हुए स्टिक्स को सुगंधित तेल में डुबोया जाता है। आमतौर पर खुशबू के लिए कंसन्ट्रेटेड परफ्यूम को व्हाइट ऑयल या DEP के साथ 1:3 के अनुपात में मिलाया जाता है।

  5. पैकिंग: खुशबू बरकरार रखने के लिए इन्हें तुरंत पैक कर दिया जाता है।

मुनाफा और आर्थिक विश्लेषण

असली सवाल यह है कि जेब में कितना आएगा।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, पहले साल में अनुमानित बिक्री लगभग 11.29 लाख रुपये हो सकती है। सारे खर्चे काटने के बाद, पहले साल में आप लगभग 1.49 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं।

जैसे-जैसे आपका बिजनेस जमेगा, पांचवें साल तक यह मुनाफा 4.29 लाख रुपये सालाना तक पहुँच सकता है।

इस बिजनेस का ब्रेक-इवन पॉइंट 39% है, जिसका मतलब है कि जोखिम काफी कम है।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, लोन चुकाने की अवधि 5 वर्ष आंकी गई है।

बिजनेस के पक्ष और विपक्ष
लाभ
  • कम निवेश: इसे कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है और मशीनों का रख-रखाव भी न के बराबर है।

  • सरकारी सहयोग: भारी सब्सिडी मिलने से बिजनेस का जोखिम बहुत कम हो जाता है 17।

  • निर्यात क्षमता: अगरबत्ती को निर्यात बढ़ाने वाले उत्पादों में गिना जाता है 18।

चुनौतियां

  • प्रतिस्पर्धा: बाजार में सस्ती क्वालिटी की अगरबत्तियां भी मौजूद हैं, जो लगभग 75% मार्केट का हिस्सा हैं और केवल चारकोल या लकड़ी के बुरादे से बनती हैं 19। आपको बेहतर क्वालिटी देकर अपनी जगह बनानी होगी।

  • मार्केटिंग: आपको अपना ब्रांड स्थापित करने के लिए थोड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि आप सीधे रीसेलर्स को माल बेचने के बजाय अपना ब्रांड बनाने पर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं 20।

निष्कर्ष

अगरबत्ती निर्माण व्यवसाय एक ऐसा उद्यम है जो परंपरा और लाभ का अनूठा संगम है। PMEGP योजना ने इसे आम आदमी की पहुंच में ला दिया है।

7.57 लाख के प्रोजेक्ट में खुद की जेब से मात्र 76,000 रुपये लगाकर आप एक फैक्ट्री के मालिक बन सकते हैं। जरूरत है तो बस एक अच्छी नियत और सही मार्गदर्शन की। अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें और आज ही अपने सपनों की ओर पहला कदम बढ़ाएं।