प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम - PMEGP
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक उत्कृष्ट योजना है, जो नए स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को 15% से 35% तक की सब्सिडी प्रदान करती है। अपने व्यवसाय के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं।
Garima Srivastava
1/18/20261 min read


प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक बेहतरीन योजना है, खासकर अगर आप नया स्टार्टअप या छोटा उद्योग शुरू करना चाहते हैं। इसमें सरकार आपको 15% से 35% तक की सब्सिडी देती है।
यहाँ आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया गया है:
📝 आवेदन से पहले की तैयारी (चेकलिस्ट)
फॉर्म भरने से पहले ये दस्तावेज़ अपने पास तैयार रखें:
आधार कार्ड: जो आपके मोबाइल नंबर से लिंक हो।
पैन कार्ड: बिज़नेस लोन के लिए अनिवार्य है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट: इसमें लिखा होना चाहिए कि आप क्या काम करेंगे, कुल कितना खर्च आएगा और कितनी कमाई होगी। (इसे आप किसी सीए या साइबर कैफे से बनवा सकते हैं)।
शैक्षणिक प्रमाण पत्र: अगर आप 10 लाख से ज्यादा का लोन ले रहे हैं, तो कम से कम 8वीं पास होना ज़रूरी है।
जाति प्रमाण पत्र: अगर आप SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक श्रेणी में आते हैं (सब्सिडी के लाभ के लिए)।
ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र: अगर आपका काम गांव में है, तो सरपंच या ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र लगेगा (गांव में 35% तक सब्सिडी मिलती है)।
💻 स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले PMEGP पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट खोलें:
🔗 kviconline.gov.in/pmegpeportal
यहाँ "Application for New Unit" पर क्लिक करें।
स्टेप 2: आधार और व्यक्तिगत जानकारी भरें
अपना आधार नंबर डालें और नाम भरें।
अपनी श्रेणी (Category) चुनें जैसे General, OBC, SC या ST।
अपनी शैक्षणिक योग्यता और जन्म तिथि भरें।
स्टेप 3: एजेंसी का चयन करें (सबसे महत्वपूर्ण)
यहाँ आपको चुनना होगा कि आपका फॉर्म कौन देखेगा:
KVIC या KVIB: अगर आपका काम ग्रामीण क्षेत्र में है।
DIC (जिला उद्योग केंद्र): अगर आपका काम शहरी क्षेत्र में है या ग्रामीण में भी। (DIC चुनना आमतौर पर आसान रहता है)।
स्टेप 4: बैंक का चुनाव करें
जिस बैंक में आपका खाता है या जो आपके पास है, उसे चुनें। कोशिश करें कि उसी बैंक को चुनें जहाँ के मैनेजर को आप जानते हों या जो छोटे उद्योगों को लोन देने में सक्रिय हो।
स्टेप 5: फॉर्म सेव करें और दस्तावेज़ अपलोड करें
पूरा फॉर्म भरने के बाद उसे 'Save' करें। अब आपको अपना फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
स्टेप 6: फाइनल सबमिट और प्रिंटआउट
सबमिट करने के बाद आपको एक Application ID और पासवर्ड मिलेगा। इसका प्रिंटआउट निकाल लें।
⏳ आवेदन के बाद क्या होता है? (अगले कदम)
दस्तावेज़ों की जांच (Scrutiny): आपके द्वारा चुनी गई एजेंसी (जैसे DIC) आपके फॉर्म की जांच करेगी। अगर सब सही रहा, तो वे आपको इंटरव्यू के लिए बुला सकते हैं।
बैंक को फाइल भेजना:
मंजूरी मिलने के बाद आपकी फाइल बैंक भेजी जाएगी।
बैंक मैनेजर से मुलाकात: बैंक आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट देखेगा। मैनेजर आपसे आपके काम के बारे में सवाल पूछेगा। यहाँ आपका आत्मविश्वास और काम की जानकारी बहुत मायने रखती है।
ट्रेनिंग (EDP Training):
लोन पास होने के बाद आपको 5-10 दिनों की 'उद्यमिता विकास प्रशिक्षण' (EDP Training) ऑनलाइन या ऑफलाइन लेनी होगी। यह बिल्कुल मुफ्त होती है।
पैसा जारी होना:
ट्रेनिंग पूरी होते ही बैंक आपके लोन की पहली किस्त जारी कर देता है।
💡 खास सुझाव (Pro-Tips)
सब्सिडी का गणित: याद रखें, आपको सब्सिडी का पैसा नकद नहीं मिलता। यह पैसा बैंक में एक अलग 'सब्सिडी रिजर्व फंड' खाते में 3 साल के लिए जमा रहता है। 3 साल बाद, अगर आपका काम सही चल रहा है, तो यह पैसा आपके लोन में एडजस्ट कर दिया जाता है।
ग्रामीण बनाम शहरी: यदि संभव हो, तो काम गांव में शुरू करें क्योंकि वहां 35% सब्सिडी मिलती है, जबकि शहर में यह 25% ही है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट का आइडिया
PMEGP लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। बैंक मैनेजर इसी को देखकर तय करता है कि आपका बिजनेस सफल होगा या नहीं।
मान लीजिए आप "आटा चक्की और मसाला पिसाई केंद्र" शुरू करना चाहते हैं। यहाँ एक सैंपल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का ढांचा दिया गया है:
प्रोजेक्ट रिपोर्ट: आटा एवं मसाला उद्योग
1. व्यक्तिगत विवरण (General Information)
उद्यमी का नाम: श्री/श्रीमती [आपका नाम]
प्रस्तावित इकाई का पता: [आपका गांव/शहर का पता]
अनुभव: [X] वर्षों का कार्य अनुभव
प्रोजेक्ट की कुल लागत: ₹5,00,000 (5 लाख रुपये)
2. निवेश का ब्यौरा (Project Cost Estimates)
लोन राशि को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा जाता है:
| मद (Head) | विवरण (Description) | अनुमानित राशि (₹) | पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) | मशीनरी (चक्की, मसालों की मशीन), बिजली फिटिंग, फर्नीचर | 3,50,000| कार्यशील पूंजी (Working Capital) | कच्चे माल के लिए स्टॉक (गेहूं, मिर्च, हल्दी आदि) | 1,50,000 | कुल लागत (Total Cost) | 5,00,000 |
3. वित्त का स्रोत (Means of Finance)
उद्यमी का योगदान (Own Contribution): ₹25,000 (कुल लागत का 5%)
बैंक लोन (Term Loan): ₹4,75,000 (कुल लागत का 95%)
अनुमानित सब्सिडी (PMEGP Subsidy): ₹1,75,000 (35% ग्रामीण क्षेत्र के लिए)
4. मशीनरी का विवरण (List of Machinery)
आटा चक्की मशीन (20 इंच) - ₹80,000
मसाला पिसाई मशीन (Pulverizer) - ₹1,20,000
पैकेजिंग एवं वजन मशीन - ₹50,000
इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन एवं अन्य - ₹1,00,000
5. अनुमानित मासिक आय-व्यय (Monthly Profit & Loss)
A. मासिक बिक्री (Total Monthly Sales):
आटा पिसाई (10,000 किलो @ ₹5/किलो) = ₹50,000
मसालों की बिक्री और पिसाई = ₹70,000
कुल आय = ₹1,20,000
B. मासिक खर्च (Monthly Expenses):
कच्चा माल (मसाले, गेहूं आदि) = ₹60,000
बिजली का बिल = ₹8,000
लेबर खर्च (1 व्यक्ति) = ₹10,000
दुकान किराया और अन्य खर्च = ₹7,000
कुल खर्च = ₹85,000
C. शुद्ध लाभ (Net Monthly Profit):
₹1,20,000 - ₹85,000 = ₹35,000
6. लोन चुकाने की योजना (Repayment Schedule)
ब्याज दर: लगभग 9% से 11% (बैंक के अनुसार)
अवधि: 5 से 7 वर्ष
मासिक किस्त (EMI): लगभग ₹7,000 से ₹9,000
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाते समय 3 जरूरी बातें:
वास्तविक रेट: मशीनों के दाम और कच्चे माल की कीमत अपने स्थानीय बाजार के अनुसार ही लिखें।
बाजार का विश्लेषण: रिपोर्ट में यह भी लिखें कि आपके आसपास वैसी कोई दुकान नहीं है या आपकी सर्विस दूसरों से बेहतर क्यों होगी।
मार्जिन मनी: बैंक मैनेजर यह देखता है कि आप अपनी जेब से 5% से 10% पैसा लगा रहे हैं या नहीं। इसे हमेशा रिपोर्ट में दिखाएं।
अगला कदम:
क्या आप चाहते हैं कि मैं आपकी पसंद के किसी और बिजनेस (जैसे डेयरी फार्मिंग, ब्यूटी पार्लर या अगरबत्ती उद्योग) के लिए रिपोर्ट तैयार करूँ? तो संपर्क करे.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यह सेक्शन पाठकों के उन छोटे-छोटे डरों को खत्म करेगा जो उन्हें शुरुआत करने से रोकते हैं।
1. क्या स्टार्टअप और सामान्य दुकानदारी में कोई फर्क होता है?
हाँ, बिल्कुल। सामान्य बिज़नेस (जैसे किराने की दुकान) रोज़ की स्थिर कमाई पर टिका होता है। स्टार्टअप किसी समस्या को 'नए तरीके' से हल करता है ताकि वह बहुत तेज़ी से बढ़ सके। हर स्टार्टअप एक बिज़नेस है, लेकिन हर बिज़नेस स्टार्टअप नहीं होता।
2. मेरे पास बहुत कम पैसा है, क्या मैं भी स्टार्टअप शुरू कर सकता हूँ?
जी हाँ। कई सफल स्टार्टअप बहुत कम पूंजी से शुरू हुए हैं, खासकर सर्विस, खेती और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में। ज़रूरी यह है कि आप छोटे स्तर से शुरू करें और जैसे-जैसे मुनाफा हो, वैसे-वैसे पैसा वापस व्यापार में लगाएं।
3. क्या गांव या छोटे शहर से स्टार्टअप सफल हो सकता है?
बिल्कुल! आज इंटरनेट की वजह से दूरी खत्म हो गई है। गांव में रहकर आप कम खर्चे (सस्ता किराया और लेबर) में बेहतर उत्पाद बना सकते हैं और उसे ऑनलाइन पूरी दुनिया में बेच सकते हैं। सरकार की कई योजनाएं अब विशेष रूप से ग्रामीण उद्यमियों को बढ़ावा दे रही हैं।
4. स्टार्टअप के लिए कौन सा रजिस्ट्रेशन सबसे ज़रूरी है?
शुरुआत के लिए 'उद्यम रजिस्ट्रेशन' (Udyam Registration) सबसे बेहतर और आसान है। यह पूरी तरह मुफ्त है। इसके बाद आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से GST या 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के रूप में रजिस्टर कर सकते हैं।
5. क्या PMEGP लोन के लिए गारंटी देना ज़रूरी है?
PMEGP योजना के तहत 10 लाख तक के लोन के लिए आमतौर पर किसी तीसरी पार्टी की गारंटी की ज़रूरत नहीं होती (यह CGTMSE कवर के तहत आता है), लेकिन अंतिम फैसला बैंक मैनेजर आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और साख देखकर करता है।
6. अगर मेरा आइडिया फेल हो गया तो क्या होगा?
फेल होना स्टार्टअप का एक हिस्सा है। इसीलिए हम सलाह देते हैं कि शुरुआत छोटे निवेश से करें। रजिस्ट्रेशन होने पर बिज़नेस को कानूनी रूप से बंद करना या बदलना आसान होता है। असफलता आपको वह अनुभव देती है जो कोई किताब नहीं सिखा सकती।
7. क्या स्टार्टअप के लिए केवल मोबाइल ऐप बनाना ज़रूरी है?
यह एक गलतफहमी है। डेयरी फार्मिंग, हाथ से बने उत्पाद, ई-रिक्शा सर्विस, या कचरा प्रबंधन (Waste Management) भी बेहतरीन स्टार्टअप आइडिया हो सकते हैं। तकनीक बस आपके काम को आसान बनाने का एक ज़रिया है, काम का आधार नहीं।
निष्कर्ष (Closing Note)
स्टार्टअप का सफर थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और सरकारी मदद के साथ यह नामुमकिन नहीं है। बस पहला कदम उठाने की हिम्मत चाहिए।


