'PMEGP : इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर' निर्माण व्यवसाय

PMEGP के अंतर्गत 'इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर' निर्माण व्यवसाय: संपूर्ण जानकारी, लागत और मुनाफा संभावित प्रश्न और उनके उत्तर साथ मे प्रोजेक्ट रिपोर्ट ताकि लोन के लिए अप्लाइ कर सकें

Tej Prakash

1/19/20261 min read

PMEGP के अंतर्गत 'इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर' निर्माण व्यवसाय: संपूर्ण जानकारी, लागत और मुनाफा

यदि आप कम निवेश में एक ऐसा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं जिसकी मांग हर घर में है, तो 'इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर' (Electronic Gas Lighter) की असेंबली का काम एक बेहतरीन विकल्प है।

भारत सरकार की PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) योजना के तहत आप इस बिजनेस के लिए आसानी से लोन और 35% तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

यहाँ इस प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी (Project Profile), लाभ-हानि, और आवेदन प्रक्रिया दी गई है।

1. इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर क्या है और इसकी मांग क्यों है?

इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर एक ऐसा उपकरण है जो एलपीजी (LPG) गैस स्टोव को जलाने के लिए उपयोग किया जाता है।

  • तकनीक: यह 'पीजो-इलेक्ट्रिक क्रिस्टल' (Piezo-electric crystal) तकनीक पर काम करता है। जब इस क्रिस्टल पर यांत्रिक दबाव पड़ता है, तो यह वोल्टेज उत्पन्न करता है जिससे चिंगारी (Spark) निकलती है और गैस जल जाती है।

  • फायदे: इसमें बैटरी की जरूरत नहीं होती, यह माचिस से सस्ता पड़ता है, सुरक्षित है और इसमें रखरखाव (maintenance) का खर्च न के बराबर है।

  • बाजार: हर घर में एलपीजी कनेक्शन बढ़ रहे हैं, इसलिए गैस लाइटर की मांग हमेशा बनी रहती है।

2. प्रोजेक्ट प्रोफाइल और लागत (Project Cost Breakdown)

यह प्रोजेक्ट प्रोफाइल 30,000 पीस सालाना उत्पादन क्षमता के आधार पर तैयार किया गया है।

(A) पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure)

मशीनरी और वर्कशेड की स्थापना का खर्च:

  1. जमीन/भवन: किराए पर (Rented)।

  2. मशीनरी और उपकरण: लगभग ₹69,000

    • फ्लाई प्रेस (Fly Press No.3)

    • बेंच ड्रिलिंग मशीन (1/2")

    • बेंच ग्राइंडर (Bench Grinder)

    • शियरिंग मशीन (Shearing Machine)

    • इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन (15 Gm - प्लास्टिक पार्ट्स के लिए)

    • टेस्ट बेंच और जिग्स (Test Bench with Jigs)

(B) कार्यशील पूंजी (Working Capital)

रोजमर्रा के खर्च (कच्चा माल, सैलरी, आदि) के लिए: ₹2,40,000

(C) कुल प्रोजेक्ट लागत (Total Project Cost)

  • पूंजीगत व्यय + कार्यशील पूंजी = ₹3,09,000 (लगभग 3.10 लाख रुपये)।

3. आर्थिक विश्लेषण: मुनाफा कितना होगा? (Profitability)

यदि आप साल भर में 30,000 गैस लाइटर बनाते हैं, तो अनुमानित मुनाफा इस प्रकार है:

विवरण (Particulars)

राशि (सालाना)

  • संदर्भकुल बिक्री (Projected Sales) ₹16,25,000

  • उत्पादन लागत (Cost of Production) ₹14,47,660

  • सकल अधिशेष (Gross Surplus) ₹1,77,340शुद्ध मुनाफा

  • (Net Surplus) ₹1,70,000

*नोट: यह मुनाफा 100% क्षमता पर है। यदि आप शुरुआत में 60% क्षमता पर काम करते हैं, तो मुनाफा लगभग ₹1,00,000 सालाना हो सकता है। कच्चे माल की कीमत लगभग ₹10.56 लाख सालाना आंकी गई है।

4. PMEGP योजना के तहत लाभ (Benefits under PMEGP)

इस बिजनेस को PMEGP के तहत शुरू करने पर आपको निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  1. सब्सिडी (Subsidy):

    • शहरी क्षेत्र: सामान्य वर्ग को 15%, विशेष वर्ग (SC/ST/OBC/महिला/अल्पसंख्यक) को 25%।

    • ग्रामीण क्षेत्र: सामान्य वर्ग को 25%, विशेष वर्ग को 35% सब्सिडी मिलती है।

  2. खुद का निवेश (Own Contribution): आपको प्रोजेक्ट लागत का केवल 5% (विशेष वर्ग) या 10% (सामान्य वर्ग) ही लगाना होता है।

  3. लोन राशि: बाकी 90-95% राशि बैंक से टर्म लोन के रूप में मिलती है।

  4. पात्रता (Eligibility):

    • आयु: 18 वर्ष से अधिक।

    • शैक्षणिक योग्यता: विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख से ऊपर के प्रोजेक्ट के लिए 8वीं पास जरूरी है (यह प्रोजेक्ट 10 लाख से कम है, इसलिए 8वीं पास अनिवार्य नहीं भी हो सकती है, लेकिन प्राथमिकता दी जाती है)।

5. व्यवसाय के पक्ष और विपक्ष (Pros & Cons)
✅ पक्ष (Pros):
  • सदाबहार मांग: गैस लाइटर एक "FMCG" जैसा उत्पाद बन गया है, जिसकी मांग कभी खत्म नहीं होती।

  • कम निवेश: इसे बहुत कम जगह और कम पूंजी (3-4 लाख रुपये) में शुरू किया जा सकता है।

  • तकनीकी सादगी: इसकी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया सरल है, जिसे कम प्रशिक्षित लेबर भी कर सकती है।

  • सरकारी सहायता: PMEGP के तहत सब्सिडी और आसान लोन उपलब्ध है।

❌ विपक्ष (Cons):
  • प्रतिस्पर्धा (Competition): बाजार में पहले से ही कई ब्रांडेड और लोकल सस्ते लाइटर उपलब्ध हैं।

  • मार्केटिंग: नए ब्रांड को स्थापित करने के लिए दुकानदारों को अच्छा मार्जिन देना पड़ता है।

  • कच्चे माल की कीमतें: प्लास्टिक और स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

6. आवश्यक कच्चा माल (Raw Materials)

इस उद्योग के लिए आपको निम्नलिखित कच्चे माल की आवश्यकता होगी:

  1. पीजो-इलेक्ट्रिक क्रिस्टल (Piezo-electric Crystal) - मुख्य पुर्जा।

  2. एमएस/स्टील ट्यूब (MS/Steel Tubing) - बाहरी बॉडी के लिए।

  3. प्लास्टिक ग्रेनुअल्स (PP/ABS) - हैंडल और ट्रिगर के लिए।

  4. स्प्रिंग और हैमर (Spring & Hammer)।

  5. पैकेजिंग सामग्री (ब्लिस्टर पैक/गत्ते के डिब्बे)।

7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या मैं यह बिजनेस घर से शुरू कर सकता हूं?

उत्तर: हाँ, इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर असेंबली के लिए बहुत कम जगह (लगभग 500-800 वर्ग फीट) की आवश्यकता होती है। यदि आपके पास जगह है और वहां कमर्शियल गतिविधि की अनुमति है, तो आप इसे शुरू कर सकते हैं।

Q2: PMEGP लोन के लिए आवेदन कैसे करें?

उत्तर: आप kviconline.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आपको आधार कार्ड, फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) की आवश्यकता होगी।

Q3: इस बिजनेस में रिस्क क्या है?

उत्तर: सबसे बड़ा रिस्क 'गुणवत्ता' (Quality) का है। यदि लाइटर जल्दी खराब होते हैं, तो दुकानदार आपका माल दोबारा नहीं लेंगे। इसलिए टेस्टिंग मशीन पर हर पीस को चेक करना जरूरी है।

Q4: लोन पास होने में कितना समय लगता है?

उत्तर: आमतौर पर आवेदन करने के बाद बैंक और जिला उद्योग केंद्र (DIC) की प्रक्रिया में 1 से 3 महीने का समय लग सकता है।

निष्कर्ष

इलेक्ट्रॉनिक गैस लाइटर का व्यवसाय छोटे स्तर पर शुरू करने के लिए एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प है। PMEGP योजना का लाभ उठाकर आप न केवल अपनी पूंजी बचा सकते हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में इसे लगाकर 35% तक की भारी सब्सिडी भी प्राप्त कर सकते हैं। सफलता के लिए अच्छी क्वालिटी और आकर्षक पैकेजिंग पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण है।